Best Hindi Poem-आज दिवाली मेरे घर में

आज दिवाली मेरे घर मेंआज दिवाली मेरे घर में

आज दिवाली मेरे घर में,खुशियों के संग आई है.

कुछ एक पटाखे और फुलझड़ी,संग में दिए भी लायी है..

आज दिवाली मेरे………….

प्रेम परस्पर बढ़ जाता है,उत्सव ये प्रकाश का है,

हर घर फूल से खिल उठते हैं,उत्सव नयी मिठास का है..

कभी आई थी मेरे घर में,हर गम लेकर एक दिवाली.

यूं तो पर्व उजाले का था,पर मेरे घर  रैन थी काली..

समझ गए थे उस दिन ये हम,बिन पैसे का पर्व न होता.

जब तक हम न कष्ट झेलते,खुद पर हमें गर्व न होता..

एक रैन थी उस दिन और,एक आज की रात है.

उस दिन भूखे प्यासे थे,पर आज नही वो बात है..

ख़त्म हुआ “वनवास” ख़ुशी का,समय ने ली अंगड़ाई है.

इस बार दिवाली मेरे घर में,खुशियों के संग आई है..(ABHISHEK)

 

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